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MP ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026: 13 अक्टूबर तक आवेदन, जानें पात्रता और सब्सिडी की जानकारी

मध्य प्रदेश में कृषि यंत्र खरीदने की योजना बना रहे किसानों के लिए अनुदान पर उपकरण लेने का अवसर है। ई-कृषि यंत्र अनुदान के इस चरण में सात प्रकार के उपकरणों के लिए 3 अक्टूबर 2026 से आवेदन शुरू हुए हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर है और चयन के लिए लॉटरी 14 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। इसमें खाद डालने, छिड़काव, कटाई और बुवाई से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इच्छुक किसान आवेदन से पहले अपने चुने हुए यंत्र की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और धरोहर राशि की जानकारी देख लें, क्योंकि केवल फॉर्म जमा करने से अनुदान मिलना तय नहीं होता।

खेती में मशीनों की जरूरत बढ़ रही है, लेकिन उपकरण खरीदने का खर्च कई किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। अनुदान से इस खर्च का कुछ हिस्सा कम हो सकता है। फिर भी खरीद का फैसला अपने खेत की जरूरत और बजट देखकर करना चाहिए। कौन सा यंत्र उपयोगी रहेगा, उसे चलाने की व्यवस्था क्या है और सब्सिडी के बाद कितनी रकम खुद देनी होगी—इन बातों को समझकर आवेदन करना बेहतर रहेगा।

ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना क्या है?

मध्य प्रदेश की ई-कृषि यंत्र अनुदान व्यवस्था के तहत पात्र किसानों को कृषि उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य खेती में आधुनिक उपकरणों का उपयोग बढ़ाना और किसानों के लिए मशीनों की खरीद आसान बनाना है।

MP ई-कृषि यंत्र अनुदान योजना 2026

अलग-अलग यंत्र खेत में खाद डालने, फसल पर दवा छिड़कने, कटाई करने और बुवाई जैसे कामों में मदद करते हैं। लाभ संबंधित उपकरण के लिए उपलब्ध लक्ष्य, किसान की पात्रता और विभागीय चयन प्रक्रिया के अनुसार मिलता है। इसलिए हर उपकरण के लिए आवेदन और स्वीकृति की शर्तें अलग से देखना जरूरी है।

आवेदन की अंतिम तारीख और लॉटरी का कार्यक्रम

9 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस चरण की आवेदन अवधि 3 से 13 अक्टूबर है। लॉटरी 14 अक्टूबर को निर्धारित है। यह कार्यक्रम नीचे बताए गए सात कृषि यंत्रों से संबंधित है। इसे सभी कृषि और सिंचाई उपकरणों की सामान्य आवेदन अवधि नहीं समझना चाहिए। किसान दस्तावेज और बैंक डिमांड ड्राफ्ट समय रहते तैयार कर लें, ताकि अंतिम दिन किसी कमी के कारण आवेदन अधूरा न रह जाए।

किन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन आमंत्रित हैं?

वर्तमान चरण में सात प्रकार के कृषि उपकरण शामिल हैं। किसान अपनी खेती के अनुसार इनमें से उपलब्ध यंत्र चुन सकते हैं। उदाहरण के लिए, कटाई की जरूरत वाले किसान रीपर की उपयोगिता देख सकते हैं, जबकि खाद डालने या छिड़काव के लिए अलग उपकरण उपलब्ध हैं। ट्रैक्टर चालित यंत्र चुनते समय यह भी देखना होगा कि वह किसान के ट्रैक्टर के अनुकूल है या नहीं। आवेदन में उपकरण की सही श्रेणी दर्ज करें, ताकि आगे दस्तावेजों की जाँच और स्वीकृति में परेशानी न हो।

किस उपकरण के लिए कितनी धरोहर राशि है?

इस आवेदन चरण में उपकरण के अनुसार निर्धारित धरोहर राशि का बैंक डिमांड ड्राफ्ट देना आवश्यक बताया गया है। किसान को अपने बैंक खाते से संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम DD बनवाना है। जारी विवरण के अनुसार, धरोहर राशि के बिना आवेदन मान्य नहीं होगा। ध्यान रखें कि यह रकम सब्सिडी नहीं है और न ही उपकरण की पूरी कीमत है। ड्राफ्ट बनवाने से पहले अधिकारी का सही नाम और भुगतान संबंधी निर्देश जाँच लें।

कृषि यंत्रनिर्धारित धरोहर राशि
फर्टिलाइजर ब्रॉडकास्टर₹5,500
स्वचालित हाई ग्राउंड क्लियरेंस स्प्रेयर, बूम टाइप₹15,000
स्वचालित रीपर₹2,300
ट्रैक्टर चलित रीपर₹2,300
शुगरकेन रेटून मैनेजर₹5,000
रिजर₹2,500
ब्रॉड बेड फरो प्लांटर₹3,000

योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?

ई-कृषि यंत्र अनुदान में सभी किसानों और उपकरणों के लिए एक जैसी सहायता राशि नहीं होती। उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार, सब्सिडी कृषि यंत्र, किसान की श्रेणी और विभागीय नियमों पर निर्भर करती है। इस चरण के सभी सात उपकरणों के लिए एक समान सब्सिडी प्रतिशत की पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है।

इसलिए किसी एक प्रतिशत को हर यंत्र पर लागू मानकर बजट बनाना सही नहीं होगा। किसान अपने चुने हुए उपकरण की अनुदान संबंधी जानकारी देखकर ही तय करें कि खरीद के लिए उन्हें अपनी तरफ से कितनी राशि की व्यवस्था करनी होगी।

कौन से किसान आवेदन कर सकते हैं?

दिए गए योजना विवरण के अनुसार, आवेदक मध्य प्रदेश का किसान होना चाहिए और उसके नाम कृषि भूमि दर्ज होनी चाहिए। ट्रैक्टर से चलने वाले उपकरणों के लिए किसान के नाम ट्रैक्टर होने की शर्त बताई गई है। छोटे और सीमांत किसान भी संबंधित यंत्र की पात्रता पूरी करने पर आवेदन कर सकते हैं।

पहले किसी उपकरण पर अनुदान लेने वाले किसानों के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं, इसलिए पुराने लाभ का सही विवरण देना जरूरी है। पात्रता का अंतिम निर्णय संबंधित उपकरण के वर्तमान विभागीय नियमों के अनुसार होगा।

पुराने अनुदान के आधार पर पाँच या सात वर्ष की रोक जैसी शर्तों की वर्तमान सरकारी अधिसूचना से पूरी पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए इन्हें हर उपकरण पर लागू सामान्य नियम मानने के बजाय अपने चुने हुए यंत्र के लिए पोर्टल या संबंधित कृषि कार्यालय से स्पष्ट करें।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

किसान आवेदन से पहले पहचान, बैंक खाते और जमीन से जुड़े कागजात तैयार रखें। दिए गए योजना पेज में आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खसरा या बी-1 जैसे दस्तावेज बताए गए हैं। किसान की श्रेणी और उपकरण के अनुसार अतिरिक्त प्रमाण भी माँगे जा सकते हैं। दस्तावेजों में नाम और अन्य विवरण का मिलान कर लें तथा साफ और पढ़ने योग्य प्रतियाँ रखें। इस आवेदन चरण में निर्धारित DD भी जरूरी है; उसकी जानकारी पोर्टल के निर्देशों के अनुसार प्रस्तुत करनी होगी।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

वर्तमान सरकारी प्रवेश पोर्टल farmer.mpdage.mp.gov.in है। यहाँ कृषि यंत्र और सिंचाई उपकरणों के लिए अलग विकल्प दिए गए हैं। कृषि यंत्र के लिए आवेदन करने वाले किसान संबंधित विकल्प चुनें और पंजीयन के निर्देश पढ़ें। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, भूमि और बैंक खाते का विवरण भरकर उपलब्ध उपकरण का चयन करें। DD और दस्तावेजों का विवरण पोर्टल पर माँगे गए तरीके से प्रस्तुत करें। अंतिम रूप से आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी जाँचें और सफलतापूर्वक जमा होने की पुष्टि जरूर देखें।

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलकर कृषि यंत्र वाला विकल्प चुनें।
  2. पंजीयन या लॉगिन की प्रक्रिया पूरी करें।
  3. उपलब्ध सूची से अपनी जरूरत का उपकरण चुनें।
  4. पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पढ़ें।
  5. निर्धारित DD तथा माँगे गए दस्तावेजों का विवरण प्रस्तुत करें।
  6. फॉर्म जाँचकर अंतिम रूप से जमा करें।
  7. आवेदन क्रमांक और रसीद सुरक्षित रखें।

लॉटरी में चयन होने के बाद क्या करना होगा?

लॉटरी के बाद किसान को अपनी चयन स्थिति देखनी होगी और विभाग के निर्देशों के अनुसार दस्तावेजों की जाँच तथा क्रय स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। दिए गए योजना विवरण के अनुसार, स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित समय में अधिकृत डीलर से उपकरण खरीदना चाहिए। केवल लॉटरी में नाम आने को खरीद की अंतिम अनुमति न समझें।

आवेदन पर जारी स्वीकृति, उपकरण का विवरण और समय सीमा पढ़कर ही आगे बढ़ें। कोई दस्तावेज या सुधार माँगा जाए तो उसे समय पर पूरा करें।

खरीद से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

अनुदान का लाभ लेने के लिए विभागीय क्रय स्वीकृति के बाद ही उपकरण खरीदना जरूरी बताया गया है। बिना पूर्व स्वीकृति खरीद करने पर अनुदान नहीं मिलेगा। किसान कीमत के साथ उपकरण के रखरखाव, संचालन और अपने खेत में उसकी उपयोगिता भी देखें। आवेदन, DD और खरीद से जुड़े कागजात सुरक्षित रखें।

किसी शर्त पर संदेह होने पर संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री कार्यालय से जानकारी लें, ताकि खरीद का फैसला सही विवरण के आधार पर लिया जा सके।

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